पञ्चब्रह्म गायत्री मार्गसद्योजात ब्रह्म, इंद्रलोक, ब्रह्माण्डीय विज्ञानमय काया, हिरण्यगर्भ ब्रह्म, पुरुषार्थ चतुष्टय, धर्म अर्थ काम मोक्ष, ब्राह्मणत्व, माँ गायत्री का हेमा मुख, प्रज्ञानं ब्रह्म, ऋग्वेद